कूटनीतिक दुभाषिए गुरदीप कौर चावला अपने स्कूल पहुंचीं

नई दिल्ली (3 मार्च, 2025) अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक “कूटनीतिक दुभाषिए” के तौर पर अपनी काबिलियत लंबे समय से साबित कर रहीं, गुरदीप कौर चावला आज अपनी स्कूली शिक्षा के केंद्र, गुरु नानक पब्लिक स्कूल, राजौरी गार्डन पहुंचीं। स्कूल की विधार्थी से कूटनीतिक चर्चाओं तक राष्ट्र प्रमुखों के सफल दुभाषिए बनने के बाद वह पहली बार अपने स्कूल लौटीं थी। वह अभी कनाडा के प्राइम मिनिस्टर मार्क कार्नी के इंडिया आए डेलीगेशन का हिस्सा हैं। अपनी एल्युम्नाई की वैश्विक बुलंदी पर स्कूल के स्टूडेंट्स, स्टाफ और मैनेजमेंट ने उनका भव्य स्वागत किया। स्कूल बिल्डिंग पर ग्लोबल लीडर्स के साथ गुरदीप कौर चावला की तस्वीरों वाले बड़े स्वागती बैनर लगाए गए थे। स्कूल बैंड ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर कॉन्फ्रेंस हॉल में स्वागत समारोह की शुरुआत स्कूल के बच्चों ने मूल मंत्र और गुरबाणी कीर्तन के साथ की।

गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, राजौरी गार्डन के प्रधान हरमनजीत सिंह, स्कूल मैनेजर जगजीत सिंह, प्रिंसिपल मनप्रीत कौर और लीगल एडवाइजर डॉ. परमिंदर पाल सिंह ने गुरदीप कौर चावला को सम्मानित किया। अपने भाषण के दौरान गुरदीप कौर चावला ने अपने स्कूल के दिनों को याद किया और अपनी सफलता का श्रेय दुनियावी पढ़ाई, अपने माता-पिता की कड़ी मेहनत, गुरबाणी के आशीर्वाद और कुछ कर गुजरने के जुनून को दिया। गुरदीप कौर चावला ने दावा किया कि अमृत छकने के बाद उनके जीवन में सफलता की झड़ी लग गई। अमेरिका में अपने घर पर गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश होने के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का नितनेम से जोड़ना और स्कूल में गुरुमुखी एवं धार्मिक शिक्षा मिलना, उनके लिए बहुत मददगार रहा। संयुक्त राष्ट्र संघ से लेकर दुनिया भर के नेताओं की कूटनीतिक बातचीतों के दौरान उनकी आवाज़ बनना और सही भाषाई मतलब निकालना बहुत मुश्किल लेकिन लाजवाब काम है। मेरे पिता की दिली इच्छा थी कि मैं संयुक्त राष्ट्र संघ में एक माहिर दुभाषिए के तौर पर अनुवाद करूं और जब मैंने पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में यह काम किया, तो मेरे पिता बहुत खुश हुए।

इस मौके पर स्कूल के कुछ चुने हुए बच्चों ने उनसे उनकी ज़िंदगी के सफ़र के बारे में कुछ सवाल पूछे। जिनके उन्होंने विस्तार में जवाब दिए। स्कूल के पुराने विधार्थी और वरिष्ठ पत्रकार हरमीत शाह सिंह ने स्कूल के मौजूदा विधार्थीयों की दिमागी काबिलियत की तारीफ़ की और इसके लिए स्टाफ़ और मैनेजमेंट का खास शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर एडवोकेट जपनीत कौर के साथ गुरदीप कौर चावला की बहन, भाई और भाभी भी मौजूद थीं।


