
रामानुजन कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के ग़ालिब ऑडिटोरियम में “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इमर्जिंग ट्रेंड्स इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ (ICET-AICS 2026)” का शुभारंभ 7 अप्रैल 2026 को हुआ। इस सम्मेलन का आयोजन रामानुजन कॉलेज के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज के सहयोग से किया गया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. मुकेश मोहानिया (IIIT दिल्ली), मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. विवेक गुप्ता (संस्थापक एवं सीईओ, इंडसलैब एआई), संरक्षक एवं प्राचार्य प्रो. राजिंदर कुमार पांडे (रामानुजन कॉलेज), प्रो. नीलम गोयल (प्राचार्य, श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज) तथा प्रो. विजय सिंह राठौर (डीन-इंटरनेशनल, एपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर) सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं कुलगीत के साथ हुआ, जिसने समारोह को गरिमामय एवं शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया। इसके पश्चात डॉ. कमलेश रघुवंशी (संयोजक) ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा कम्प्यूटेशनल साइंसेज़ के क्षेत्र में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में प्रो. राजिंदर कुमार पांडे ने एआई आधारित शोध के माध्यम से सार्थक सामाजिक परिणामों की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे समाज को अधिक सुरक्षित एवं प्रगतिशील बनाया जा सके। प्रो. नीलम गोयल ने शैक्षणिक सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार के संयुक्त आयोजन प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक अवसर प्रदान करते हैं।
मुख्य अतिथि प्रो. मुकेश मोहानिया ने अपने उद्बोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकेंद्रीकरण की आवश्यकता पर बल दिया तथा विश्वविद्यालयों में एआई से संबंधित पाठ्यक्रमों के विस्तार की वकालत की, ताकि अधिकाधिक छात्र इससे लाभान्वित हो सकें। वहीं डॉ. विवेक गुप्ता ने अपने औद्योगिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार उनकी संस्था ने अनेक एआई आधारित एजेंट्स विकसित किए हैं, जिन्होंने दैनिक जीवन एवं कार्यस्थल की दक्षता को सरल और प्रभावी बनाया है। अंत में डॉ. मनीष कुमार सिंह (सह-संयोजक) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उद्घाटन सत्र के पश्चात सम्मेलन में हाइब्रिड मोड में शोध पत्र प्रस्तुतिकरण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 26 शोध पत्र ऑफलाइन एवं 55 शोध पत्र ऑनलाइन विभिन्न विषयगत सत्रों में प्रस्तुत किए गए।
दिन का समापन एक ज्ञानवर्धक ऑनलाइन विशेषज्ञ व्याख्यान के साथ हुआ, जिसमें वियतनाम के पीपलस सिक्योरिटी अकैडमी की प्रो. डॉ. फाम थी थान्ह थ्यूई ने “टेक्स्ट-आधारित पर्सन सर्च: कंप्यूटर विज़न और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण का एकीकरण” विषय पर अपने शोध प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मल्टी-मोडल एआई तकनीकों के माध्यम से गवाहों द्वारा दिए गए विवरण के आधार पर निगरानी कैमरों से संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा सकती है। साथ ही उन्होंने सीमित डेटा सेट, भाषाई विविधता एवं गैर-अंग्रेज़ी भाषाओं में तकनीकी चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी प्रकाश डाला।
सम्मेलन का प्रथम दिवस अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं संवादपरक रहा, जिसने आगामी सत्रों के लिए एक सुदृढ़ आधार प्रदान किया।

