
केंद्रीय बजट तथा ऐतिहासिक भारत–अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के पश्चात कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने देशभर में “मैन्युफैक्चरर्स कॉन्फ्रेंस” आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन सम्मेलनों का उद्देश्य हाल ही में संपन्न विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) एवं अन्य व्यापार समझौतों के साथ-साथ केंद्रीय बजट के सूक्ष्म प्रावधानों के प्रति विशेष रूप से एमएसएमई, विनिर्माण इकाइयों, व्यापारियों एवं उद्यमियों को जागरूक करना है।
इस पहल की घोषणा करते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इन सम्मेलनों में भारत के प्रमुख व्यापार समझौतों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, जिनमें भारत–अमेरिका व्यापार समझौता, प्रस्तावित भारत–यूरोपीय संघ (EU) व्यापार समझौता तथा हाल के वर्षों में संपन्न अन्य प्रमुख व्यापार समझौते शामिल हैं, ताकि भारतीय एमएसएमई और व्यापारी उभरते वैश्विक बाजार अवसरों का अधिकतम लाभ उठा सकें।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि हाल ही में संपन्न प्रमुख व्यापार समझौतों में भारत–EFTA व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA), भारत–यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA), भारत–ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ECTA), भारत–मॉरीशस व्यापक आर्थिक सहयोग एवं भागीदारी समझौता (CECPA) सहित अन्य हालिया व्यापार समझौते शामिल हैं, जो CAIT के इस जागरूकता एवं सशक्तिकरण कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होंगे।
उन्होंने कहा कि इन समझौतों से भारतीय उद्योग और एमएसएमई के लिए निर्यात, निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण के नए अवसर खुले हैं।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि मैन्युफैक्चरर्स कॉन्फ्रेंस में टैरिफ लाभ, रूल्स ऑफ ओरिजिन, निर्यात संवर्धन, गुणवत्ता मानक, लॉजिस्टिक्स, अनुपालन की सरलता, नए बाजारों तक पहुँच तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, जिससे व्यापारी और निर्माता भारत की उभरती व्यापार संरचना के अनुरूप अपनी व्यावसायिक रणनीतियाँ तैयार कर सकें।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत एक घरेलू-केंद्रित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर एक आत्मविश्वासी वैश्विक व्यापार एवं विनिर्माण शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। केंद्रीय बजट और रणनीतिक रूप से किए गए व्यापार समझौते मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के प्रति प्रधानमंत्री की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, साथ ही भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से मजबूती से जोड़ते हैं।
श्री खंडेलवाल ने आगे कहा कि ये सम्मेलन नीति और व्यवहार के बीच सेतु का कार्य करेंगे, जिससे बजट सुधारों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों के लाभ जमीनी स्तर तक पहुँच सकें। इससे एमएसएमई सशक्त होंगे, घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिलेगी, रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की यात्रा और तेज होगी।

