
आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(कैट) ने एसोसिएशन ऑफ़ डायरेक्ट सेलिंग एंटिटीज़ ऑफ इंडिया(एडीएसईआई) के सहयोग से यशोभूमी कन्वेन्शन सेंटर में एक भव्य राष्ट्रीय महिला उद्यमी सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें देशभर से 10,000 से अधिक महिला उद्यमियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी , केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने किया।

श्री जोशी और श्री मेघवाल ने भारत की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास के विज़न का परिणाम है।
केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने कैट और एडीएसईआई के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश की अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में महिलाओं के लिए अधिक अवसर और सहयोग का वातावरण बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए महिला उद्यमियों और डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र को अपनी सोच को और व्यापक बनाने तथा नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से भारत की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।
सभा को संबोधित करते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों की भागीदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला-नेतृत्व वाले विकास के विज़न की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर की महिलाएँ आज रोजगार सृजक, नवप्रवर्तक और सफल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि सरकार की विभिन्न पहलों के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक महिलाएँ “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और आने वाले समय में 3 करोड़ और महिलाओं को इस उपलब्धि से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने महिला उद्यमियों को भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित किया, जो महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रदर्शित करने और उनके विस्तार का एक बड़ा मंच बनेगा।
एडीएसईआई के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार ने कहा कि यह सम्मेलन महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने और प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर एवं महिला-नेतृत्व वाले भारत के विज़न को आगे बढ़ाने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

